कुदरत का कानून है- जो बना है वो एक दिन नष्ट होगा. इसी कुदरत के कानून को ही सभी धर्म के लोग अपने-अपने हिसाब से मोडिफ़ाई कर लेते हैं. इसका सीधा अर्थ ये भी है कि पृथ्वी का भी अंत होगा. गौरतलब है कि हम इंसान अपनी गतिविधियों से अंतContinue Reading

राजस्थान का खाना (Rajasthan Food) अपने तीखेपन के लिए जाना जाता है. रेगिस्तान की जलाने वाली गर्मी से शरीर को ठंडा रखने के लिए यहां के लोग अपने खाने में ज़्यादा मिर्च-मसाले डालते हैं. फिर चाहे वो शाकाहारी खाना हो या मांसाहारी, कूटी हुई लाल मिर्च के बिना खाना अधूराContinue Reading

झारखंड के चाईंबासा में पर्यावरण को लेकर एक नई पहल देते हुए एक टीचर दिखे हैं. राजाबास गांव के टीचर ने बेकार हो चुके हजारों पानी की बोतलों को काट कर टपक विधि से पौधों को पानी देने का तरीका निकाल लिया है. इससे पौधों को जरूरत के हिसाब से पानीContinue Reading

गांव का नाम आते ही हमारे सामने एक स्ट्रक्चर आ जाचा है कि गांव तो ऐसा ही होगा. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा भी गांव है जो जमीन के ऊपर नहीं, बल्कि उसके अंदर बसा है. यह गांव जमीन से 315 फीट अंदर बसा है. इसे अंडरग्राउंडContinue Reading

जब भारत में महंगी फल-सब्ज़ियों या मसालों की बात होती है, तो दिमाग़ में सबसे पहले कश्मीरी केसर ही आता है. खेतों में उगने वाला इस ‘सोने’, की क़ीमत 15000 रुपये प्रति 100 ग्राम तक हो सकती है. भारत में कुछ ऐसे आम की भी वैराइटी हैं, जिनकी क़ीमत लाखContinue Reading

‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा…’ इन शब्दों से आज भी हर भारतीय का सीना गर्व से फूल जाता है. 1982 को तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के एक सवाल के जवाब में भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने ये शब्द कहे थे. इंदिरा गांधी ने अपने सवाल मेंContinue Reading

हर इंसान को अपनी किस्मत से ज्यादा चाहिए. कई लोगों को किस्मत ज्यादा देती भी है लेकिन वो इसे संभाल नहीं पाते. वहीं कुछ लोग रवि मोहन सैनी जैसे भी होते हैं जो किस्मत से ज्यादा मिलने के बावजूद अपने सपने को पूरा करते हैं. कौन बनेगा करोड़पति जूनियर मेंContinue Reading

आज हम आपके लिए एक ऐसे शख़्स की कहानी लेकर आये हैं, जिसने पहले पुलिस फ़ोर्स का हिस्सा बन देश की सेवा की. फिर किसानी कर खेती-किसानी को बढ़ावा दिया. ये कहानी है गुजरात पुलिस के पूर्व DSP रहे पार्थीभाई चौधरी की. गुजरात के बनास कांठा के रहने वाले पार्थीभाईContinue Reading

1857, मंगल पांडे की बैरकपुर में उठी हुंकार के साथ ही देशभर में क्रांति की आग फैल गई. 1857 को अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ पहला विद्रोह कहा जाता है. इतिहास की कई किताबों में ये फ़र्स्ट रिवॉल्ट ऑफ़ इन्डिपेंडेंस के नाम से दर्ज है. ग़ौरतलब है कि इससे पहले भी देशContinue Reading

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने वीरवार को नई दिल्ली में लोकसभा सचिवालय में प्रदेश के नवनिर्वाचित विधायकों के लिए आयोजित अनुकूलन कार्यक्रम को संबोधित किया। हर्षवर्धन चौहान ने अपने अनुभव एवं संसदीय कार्यप्रणाली से उन्हें अवगत करवाया। हर्षवर्धन चौहान प्रदेश विधानसभा में छठी बार निर्वाचित हुए हैं। विधानसभा के लिए प्रथम बारContinue Reading