Front line demonstration on pulses and oilseed crops by Krishi Vigyan Kendra Solan

कृषि विज्ञान केन्द्र सोलन द्वारा दलहनी एवं तिलहनी फसलों पर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन

कृषि विज्ञान केंद्र सोलन के वैज्ञानिकों द्वारा कुनिहार क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा किया गया ताकि 20 हैक्टेयर क्षेत्र में दलहनी व तिलहनी फसलों पर फ्रंट लाइन प्रदर्शन लगाया जा सके। केन्द्र के प्रभारी डॉ जितेन्द्र चौहान ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र को सोलन जिले में दलहनी व तिलहनी फसलों के कम उत्पादन को देखते हुए, अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन द्वारा जिले में इन फसलों के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ाने का कार्य दिया गया है।

इस कार्यक्रम की संयोजक डॉ भारती शुक्ला ने बताया कि सोलन जिले के 10 हैक्टेयर क्षेत्र में दलहनी व 10 हैक्टेयर क्षेत्र में तिलहनी फसलों पर प्रदर्शन लगाए जाएंगे। इसके मद्देनज़र कुनिहार विकास खंड के जयालंग, जाबल, भूमति, डाडल आदि गावों में किसानों को माश व सोयाबीन की उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए। इस कार्य के क्रियान्वयन में कुनिहार खंड के विषय वाद विशेषज्ञ मनोज शर्मा ने पूर्ण सहयोग दिया।

डॉ चौहान ने बताया कि विगत वर्षों में कुनिहार क्षेत्र में मक्की की फसल को फॉल आर्मी वर्म कीट से काफी नुकसान पहुंचा था। इस वर्ष कीट के नियंत्रण के लिए कुनिहार खंड के घनागुघाट, डूमैहर एवं डाडल गावों में प्रदर्शन लगाए जाएगें। केन्द्र के कीट वैज्ञानिक डॉ अनुराग शर्मा ने बताया कि रसायनों के इस्तेमाल के अलावा सौर ऊर्जा द्वारा चलित लाईट ट्रेन इस कीट के नियंत्रण में बहुत कारगर है जिनका प्रदर्शन किसानों के खेत में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वैज्ञानिक दल ने किसानों के खेतों का भ्रमण किया और सब्जियों में लगने वाले रोग एवं कीटों का त्वरित समाधान दिया।