समाज में ट्रांसजेंडर्स को आज भी भेद-भाव का सामना करना पड़ता है. उन्हें हर रोज़ समान अधिकार और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ती है. बहुत से लोग अपने मन में ट्रांसजेंडर्स के लिए खिलाफ़ ग़लत सोच रखते हैं और ये समझते हैं कि ट्रांसजेंडर्स सिर्फ़ भीख मांगते हैं. वक़्त-बेवक़्तContinue Reading

समाज में ट्रांसजेंडर्स को आज भी भेद-भाव का सामना करना पड़ता है. उन्हें हर रोज़ समान अधिकार और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ती है. बहुत से लोग अपने मन में ट्रांसजेंडर्स के लिए खिलाफ़ ग़लत सोच रखते हैं और ये समझते हैं कि ट्रांसजेंडर्स सिर्फ़ भीख मांगते हैं. वक़्त-बेवक़्तContinue Reading

किसानों की स्थिति क्या है, यह किसी से नहीं छिपी है. लेकिन, झारखंड के देवरी के रहने वाले भागमनी तिर्की, उनके पति और गांव वालों ने साल 2018 में खेती-किसानी का तरीका बदला और अब उनकी आमदनी बढ़ी और जिंदगी की तस्वीर बदल गई. ये सब हो पाया है बिरसाContinue Reading

जिन लोगों को लगता है कि खेती-किसानी में कुछ नहीं होता, उन्हें राजस्थान के रेनवाल में रहने वाले नरेंद्र कुमार गरवा से मिलना चाहिए. एक आम परिवार से आने वाला यह इंसान कभी किताबें बेचता था. मेहनत के बाद भी उसे तरक्की नहीं मिली, तो उसने अपना कुछ नया करनेContinue Reading

पढ़ाई के लिए बच्चों को अक्सर अपने बड़ों के ताने सुनने पड़ते हैं. बच्चे इन तानों का बुरा भी मान जाते हैं. किन्तु, क्या आप जानते हैं, यही ताने किसी को आईपीएस भी बना सकते हैं. जी हां आप सही सुन रहे हैं, सिविल सर्विस एग्जाम सबसे कठीन परीक्षाओं मेंContinue Reading

सैम मानेकशॉ. शायद ही कोई होगा, जो इस नाम से अंजान होगा. मानेकशॉ भारतीय सेना के वो अध्यक्ष थे, जिनके नेतृत्व में भारत ने 1971 में हुए युद्ध में पाकिस्तान को हराया था. बाग्लादेश को नया देश बनाने में भी सैम मानेकशॉ की अहम भूमिका रही. मानेकशॉ 1942 में दूसरे विश्व युद्धContinue Reading

यूपी के कन्नौज की रहने वाली एक 10वीं पास महिला ने अपने खेत में जलभराव की समस्या का इस तरह सामना किया कि अब हर कोई तारीफ कर रहा है. उसने आपदा को अवसर में बदलते हुए खेत को ही एक छोटा सा आइलैंड बना दिया है. आजतक की रिपोर्टContinue Reading

इस आधुनिक दौर से पहले के बच्चे हर रविवार को ‘जंगल जंगल बात चली है पता चला है, चड्डी पहन के फूल खिला है’ सुनते हुए बड़े हुए हैं. ये कार्टून मोगली का गीत था, जो उस दौर के बच्चों को खूब पसंद था. जैसा कि हम सब जानते हैं,Continue Reading

‘धिक्कार है तुम्हें बेटा शिव!’ ‘तुम्हें अपने आपको मेरा बेटा कहना छोड़ देना चाहिए. तुम चूड़ियां पहनकर घर में बैठो. मैं स्वयं फ़ौज के साथ सिंहगढ़ के दुर्ग पर आक्रमण करूंगी और विदेशी झंडे को उस पर से उतार कर फेंक दूंगी.’ ये वो शब्द हैं, जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को एकContinue Reading

अवध के साम्राज्य को लेकर आज भी उत्तर भारत में बात होती है. यूपी की राजधानी लखनऊ को एक समय अवध की राजधानी के तौर पर कुछ ही लोग जानते हैं. लेकिन, इस साम्राज्य के एक प्रिंस की कहानी काफ़ी रोचक है. न्यू यॉर्क टाइम्स की Ellen Barry ने अवध साम्राज्य औरContinue Reading