भारत में कई इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं से इलेक्ट्रिक वाहनों के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले Pure EV (प्योर ईवी) ई-स्कटूर के सामने आए हैं। एक बार फिर एक प्योर ईवी इलेक्ट्रिक स्कूटर गुजरात में आग की लपटों में घिरने की वजह से चर्चा में है।
पिछले कुछ महीनों में, भारत में कई इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लग गई है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं। इनमें Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक), Jitendra New EV (जितेंद्र न्यू ईवी), Okinawa (ओकिनावा) और Pure Energy EV (प्योर एनर्जी ईवी) के इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं। सबसे ज्यादा मामले Pure EV (प्योर ईवी) ई-स्कटूर के सामने आए हैं। एक बार फिर एक प्योर ईवी इलेक्ट्रिक स्कूटर गुजरात में आग की लपटों में घिरने की वजह से चर्चा में है।
Pure EV में आग की पांचवी घटना सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, प्योर ईवी के EPluto 7G इलेक्ट्रिक स्कूटर में गुजरात के पाटन में आग लग गई। रिपोर्ट के मुताबिक घटना उस समय हुई जब इसे एक घर के बाहर चार्ज करने के लिए प्लग किया गया था। इसकी घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्योर एनर्जी के इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की यह पांचवीं घटना है।
चलती स्कूटर में लगी थी आग
इससे पहले, प्योर ईवी के चार ई-स्कूटर में आग लग चुकी है। प्योर ईवी ई-स्कूटर में आग लगने की चौथी घटना पिछले महीने हैदराबाद में हुई थी। हैदराबाद की घटना में मालिक ने बताया कि अपने दोस्त के साथ यात्रा के दौरान ई-स्कूटर अचानक रुक गया। बैटरी कम्पार्टमेंट खोलते ही धुंआ निकलने लगा और आखिर में उसमें आग लग गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईवी मालिक ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
कंपनी कहीं से नहीं लेती बैटरी प्योर ईवी ने इस साल अप्रैल में 2,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को रिकॉल किया था। इसके ETrance+ और EPluto 7G ई-स्कूटर के लिए रिकॉल जारी किया गया था। इसमें EPluto 7G वही मॉडल है जिसने हाल ही में हैदराबाद और गुजरात में आग लग गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, प्योर ईवी कहीं और से बैटरी पैक नहीं लेती है। इस तरह, कंपनी आग की घटनाओं के लिए जवाबदेह है।
कितनी सुरक्षित है प्योर ईवी तो, क्या प्योर ईवी के इलेक्ट्रिक स्कूटर वास्तव में सुरक्षित हैं, और प्योर ईवी इन मुद्दों के समाधान के लिए क्या कर रही है? यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल इस मुद्दे पर कंपनी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह वास्तव में प्योर एनर्जी की गलती है? या अगर इलेक्ट्रिक स्कूटर में बैटरी सेल का बुनियादी ढांचा और इंजीनियरिंग मौलिक रूप से गलत है क्योंकि विभिन्न ब्रांडों के कई इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई है या खराबी आ गई है।
बहुत से लोग तर्क देते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों और उनकी बैटरियों को विशेष रूप से अलग तरीके से बनाने और डिजाइन करने की जरूरत है क्योंकि भारतीय मौसम बहुत गर्म है। और ऐसे में ई-स्कूटरों के लिए खुले में लंबे समय रहना समस्या को दावत देना है। इलेक्ट्रिक स्कूटरों के बढ़ते बाजार को बनाए रखने के लिए, इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने की जरूरत है।