फिल्ममेकर अभिरूप बसु ने ‘कांतारा’ की गहरी आलोचना की है। जी हां, जिस फिल्म की हर तरफ तारीफ हो रही है, अभिरूप ने उसे ‘बुद्धिमता का मजाक’ बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह फिल्म आज की वैज्ञानिक दुनिया में आपको आगे बढ़ाने की बजाय आपको पीछे धकेलती है।

ऋषभ शेट्टी की कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा’ ने 29 दिनों में देशभर में 205.65 करोड़ का बिजनस किया है। रजनीकांत से लेकर अल्लू अर्जुन और राणा दग्गुबाती से लेकर प्रभास तक ने फिल्म की तारीफ की है। लेकिन पहली बार किसी फिल्ममेकर ने इस फिल्म की बहुत बुरी आलोचना की है। फिल्ममेकर अभिरूप बसु ने ‘कांतारा’ को न सिर्फ ‘बुद्धिमता का मजाक’ बताया है, लेकिन इसे ‘हंसने योग्य’ फिल्म करार दिया है। एक नए इंटरव्यू में कोलकाता के अभिरूप ने यह भी कहा कि यह फिल्म एक व्यक्ति को इस बात में विश्वास करने पर जबरन मजबूर करती है कि हमारे साथ होने वाली घटनाओं में ‘दैवी-देवताओं का दखल’ होता है।
Kantara को Rishab Shetty ने डायरेक्टर किया है। वही इस फिल्म के लेखक भी हैं और लीड एक्टर भी। यह फिल्म पौराणिक कथाओं पर आधाति है। फिल्म की कहानी दक्षिण कन्नड़ के एक काल्पनिक गांव की है, जहां ऋषभ का किरदार कंबाला चैंपियन है। फिल्म में अच्युत कुमार, प्रमोद शेट्टी और सप्तमी गौड़ा भी हैं।
‘कांतारा’ में दिखाए गए ट्विस्ट्स को कहा ‘बेईमानी’
हमारे सहयोगी ‘ईटाइम्स’ से बातचीत में Abhiroop Basu कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि यह फिल्म किसी की बुद्धि का मजाक है। इसे बहुत ही खराब तरीके से बनाया गया है। यह आपको पीछे धकेलने वाली फिल्म है, जिसमें बहुत शोर है, इसमें कोई भी ऐसा किरदार नहीं है जिसके लिए आप खड़े हो सके। प्लॉट ट्विस्ट के नाम पर फिल्म में जो भी दिखाया गया है, वो बेईमानी हैं और सिर्फ नौटंकी है। फिल्म के हीरो की कर्ज और पाप से मुक्ति का जो तरीका है, उस पर हंसी आती है। फिल्म के जिस क्लाइमेक्स की इतनी चर्चा है, असल में जब तक आप वहां पहुंचते हैं, आपकी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं रह जाती है।’
‘देश में जैसे हालात हैं, उसमें एकदम फिट है कांतारा’
पंकज त्रिपाठी के साथ ‘लाली’ जैसी शॉर्ट फिल्म के डायरेक्टर अभिरूप आगे कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि इसमें कोई चौंकाने वाली बात नहीं है कि एक फिल्म जो आपको दैवीय शक्तियों के दखल को मानने पर मजबूर करती है, इस तरह से कमाई कर रही है। खासकर ऐसे समय में जब आप एक देश के रूप में अपने पौराणिक कथाओं के किरदार (देवी-देवताओं) की वैज्ञानिक प्रासंगिकता साबित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। असल में यह फिल्म ऐसे समय में एकदम फिट बैठती है।’
रजनीकांत और धनुष ने ‘कांतारा’ को बताया ‘मास्टरपीस’
‘कांतारा’ 30 सितंबर को कन्नड़ में रिलीज हुई थी। जबकि 14 अक्टूबर को इसे हिंदी, तमिल, तेलुगू और मलयालम में भी रिलीज किया गया है। पिछले दिनों साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत ने भी फिल्म देखकर इसकी खूब तारीफ की। रजनीकांत के साथ ही कंगना रनौत और विवेक अग्निहोत्री ने भी ‘कांतारा’ की जमकर तारीफ की है। थलाइवा रजनीकांत के साथ ही धनुष ने भी फिल्म की तारीफ करते हुए इसे भारतीय सिनेमा का मास्टरपीस बताया।
कंगना बोलीं- ‘कांतारा’ को ऑस्कर में भेजना चाहिए
इससे पहले कंगना रनौत ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, ‘मुझे लगता’ है कि कांतारा को अगले साल ऑस्कर में भारत की तरफ से भेजा जाना चाहिए। मुझे पता है कि साल अभी खत्म नहीं हुआ है और बेहतर फिल्में आ सकती हैं, लेकिन ऑस्कर से ज्यादा भारत को वैश्विक स्तर पर सही प्रतिनिधित्व की जरूरत है।’

