भारत में बिकने वाली हर दो कार में से एक मारुति सुजुकी की होती है. अब दिग्गज कार निर्माता मारुति सुजुकी अपना दम दिखाने के लिए एक्सपोर्ट मार्केट पर ध्यान लगा रही है. अगले 3 साल में मारुति सुजुकी अपने निर्यात का आंकड़ा 20000 करोड़ रुपए पर पहुंचाना चाहती है.
नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता अब वैश्विक बाजार में अपना दम दिखाना चाहती है. मारुति ने अगले तीन साल में निर्यात को 20,000 करोड़ रुपए के पार पहुंचाने का लक्ष्य बनाया है. भारत में बिकने वाली हर दो कार में से एक मारुति सुजुकी की होती है. अब मारुति सुजुकी अपना दम दिखाने के लिए एक्सपोर्ट मार्केट पर ध्यान लगा रही है. अगले 3 साल में मारुति सुजुकी अपने निर्यात का आंकड़ा 20000 करोड़ रुपए पर पहुंचाना चाहती है. सुजुकी मोटर की भारतीय सहयोगी कंपनी मारुति सुजुकी अब अपने पैरेंट कंपनी की साख का फायदा उठाकर अपने कारोबार को बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. मारुति सुजुकी अब अपनी पैरेंट कंपनी सुजुकी के ग्लोबल रिसोर्सेज का फायदा उठाकर अपने निर्यात को बढ़ाने की योजना बना रही है. इसके साथ ही मारुति की योजना टोयोटा मोटर के साथ हुए हालिया करार का फायदा उठाने की भी है.
मारुति सुजुकी ने हाल में ही टोयोटा मोटर से कारोबारी समझौता किया है और अब विदेशी शिपमेंट बढ़ाने के लिए मारुति सुजुकी टोयोटा के रिसोर्सेज का भी फायदा उठाने की कोशिश करने की तैयारी कर रही है. पिछले वित्त वर्ष में मारुति का निर्यात करीब 40 फ़ीसदी रहा है.
सुजुकी और टोयोटा मिलकर भारत को ग्लोबल मार्केट के लिए कारों का की सोर्सिंग हब बनाने पर विचार कर रही हैं. दोनों कार निर्माता कंपनियां कंपोनेंट और लिथियम आयन सेल के लिए भी भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की योजना पर काम कर रही हैं. मारुति सुजुकी की योजना अगले 3 साल में अपने निर्यात को 20,000 करोड़ रुपए पर पहुंचाने की है. शेयर बाजार को दी गई एक जानकारी में मारुति ने शेयर बाजार नियामक को यह जानकारी दी है.