प्रयागराज. 10 जून को प्रयागराज के अटाला में हुई हिंसा और बवाल के मामले में पुलिस प्रशासन ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुटा है. आरोपियों की गिरफ़्तारी और बुलडोजर एक्शन के साथ ही अब हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है. तकरीबन एक करोड़ के नुकसान की भरपाई दंगाइयों से कराए जाने की तैयारी है. नुकसान की भरपाई के लिए क्लेम कमिश्नर यानी दावा आयुक्त के यहां तीन दावे पेश किए गए हैं. तीनों दावों में कुल मिलाकर तकरीबन एक करोड़ रुपए की भरपाई कराए जाने का क्लेम किया गया है.

प्रयागराज में पहली बार किसी नुकसान की भरपाई के लिए दावा पेश किया गया है. पहला दावा नगर निगम की तरफ से पेश किया गया है. स्मार्ट सिटी के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को तोड़े जाने और केबल को नुकसान पहुंचाए जाने की भरपाई कराए जाने की अपील की गई है. दूसरा दावा पीएसी के सेनानायक की तरफ से पेश किया गया है. पीएसी की एक ट्रक को जलाए जाने के मामले में क्षतिपूर्ति कराए जाने का दावा किया गया है. प्रयागराज पुलिस की तरफ से भी एक दावा पेश किया गया है. इसमें कई पुलिस वालों की बाइक आग के हवाले किए जाने व तोड़फोड़ किए जाने की बात कही गई है.
उपद्रवियों को कड़ा सबक सिखाने की कवायद
इतना ही नहीं हिंसाग्रस्त अटाला और उसके आसपास के इलाकों में 10,000 से ज्यादा पुलिस-पीएसी व पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किए जाने का खर्च भी उपद्रवियों से कराए जाने की मांग की गई है. इन जवानों के वेतन और इनके खाने पर होने वाले खर्च की भरपाई दंगाइयों से वसूल कर पुलिस महकमे को देने का दावा पेश किया गया है. अफसरों के मुताबिक दंगाइयों से तकरीबन एक करोड़ रुपए की धनराशि वसूले जाने की तैयारी की गई है. अफसरों के मुताबिक उपद्रवियों से ही नुकसान की भरपाई कराई जाएगी, वह चाहे उनकी संपत्ति से हो या किसी अन्य स्रोत से. अधिकारियों के मुताबिक हिंसा करने वालों को कड़ा सबक सिखाए जाने की कवायद के तहत वसूली की कार्यवाही की जा रही है. इन तीन दावों पर क्लेम कमिश्नर जल्दी कमेटी गठित कर सकते हैं.
