सोलन का अस्पताल राम भरोसे चल रहा है यह कहना है यहाँ आने वाले रोगियों का। वह यह बात इसलिए कहने को मजबूर हुए है क्योंकि अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल रही है। यहाँ तक कि अगर किसी ने ब्लड टैस्ट करवाने हो तो वह भी नहीं हो रहे हैं। डाक्टर ने टैस्ट के लिए लिखा है तो रोगियों को मजबूरी में वह टैस्ट करवाएं के लिए प्राइवेट लैबस में जाना पड़ता है और अपनी जेबें ढीली करनी पड़ती है। सीटी स्कैन की भी मशीन काफी समय से खराब पड़ी है अब सप्ताह भर से ब्लड टैस्ट करवाने वाली मशीन खराब हो गई है। यह कब ठीक होगी इस बारे में कोई भी अधिकारी बताने को तैयार नहीं है।
अस्पताल में रूटीन चेकअप कराने आयी सेवानिवृति चिकित्सक सुधा गुप्ता ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि वह पिछले एक सप्ताह से अस्पताल का चक्कर काट रही हैं ताकि उनके रूटीन टैस्ट हो सकें। जिसके लिए चिकित्सक ने उन्हें ब्लड और अन्य टैस्ट लिखे हैं। वह जब टैस्ट कराने के लिए सरकारी लैब में गए तो पता चला की टैस्ट करने वाली मशीन खराब पड़ी है। वह रोज़ अस्पताल में आ रहे है लेकिन सप्ताह भर से यह मशीन ठीक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जो टैस्ट अस्पताल में निशुल्क हो जाते है वह निजी लैब में 2500 रूपये के हो रहे हैं। इस लिए वह अब यह टैस्ट नहीं करवा रही हैं क्योंकि उनकी आय का कोई स्त्रोत नहीं है और वह इतना अधिक खर्च नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का यह हाल है तो अन्य जिलों में क्या हाल होगा इसका अंदाज़ा आप खुद लगा सकते हैं।

