शिमला में कोई भी पर्यटक आता है तो वह जाखू मंदिर जा कर भगवान् हनुमान का आशीर्वाद ज़रूर लेता है। पर्यटक अधिक तादात में आने की वजह से यहाँ के स्थानीय नागरिकों के व्यवसाय भी अच्छे खासे चल रहे थे। कोई पर्यटकों को पहाड़ी पोशाकें किराए पर दे रहा था तो कोई पहाड़ी ड्रेस में उनकी फोटो खिंच कर अपनी आजीविका कमा रहा था। सभी दो वर्ष पूर्व बहुत खुश थे। फिर अचानक कोरोना उन पर कहर बन कर टूट पड़ा। कोरोना कर्फ्यू के चलते पर्यटकों पर हिमाचल आने पर पाबंदी लग गई थी। जिसके चलते जाखू मंदिर के आस पास चल रहे सभी व्यवसाय ठप्प हो गए। यहाँ के व्यवसायियों को खाने के भी लाले पड़ गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार उनका सहारा बनेगी उनके संकट काल में कुछ सहयोग करेगी। लेकिन उनकी सभी उम्मीदें कोरोना काल में टूट गई। अभी भी वह उम्मीद कर रहे है कि सरकार कभी तो जागेगी और उनकी सुध लेगी।
जाखू मंदिर के आस पास छोटा मोटा व्यवसाय कर घर चलाने वाले नागरिकों ने दुःख बयां करते हुए कहा कि कोरोना की वजह से उनका कारोबार बुरी तरह से उजड़ चुका है। यह दुबारा पटरी पर कब लौटेगा इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग और मदद से वह अपना घर चला रहे है। लेकिन सरकार की और से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वह चाहते है कि सरकार उनकी कुछ मदद करे और उन्हें राहत प्रदान करें।

