मंडला. देश को अंग्रेजों की कैद से आजाद हुए 75 साल बीत गए हैं. इसको लेकर हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं, लेकिन जिनकी बदौलत आज हम ये उत्सव मना रहे है उनका ही इतिहास में और ना ही सरकारी कागजो में नाम है. दरअसल देश को आजाद हुए 75 साल बीत गए हैं, लेकिन उनके जुल्म के निशां जगह-जगह पर मौजूद हैं. भारत को आजादी दिलाने में मंडला जिले का भी बड़ा योगदान रहा है. सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की आग पूरे देश में तेजी से फ़ैल रही थी. उस दौरान आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में भी लोग बढ़चढ़ कर आंदोलन में शामिल हो रहे थे. उस वक्त मंडला के उपनगरीय क्षेत्र महराजपुर निवासी उदय चंद्र जैन भी छात्र जीवन से ही आज़ादी को लेकर आंदोलन की आग में कूद पड़े.


