Tracxn Technologies ने आईपीओ का ज्यादा हिस्सा क्यूआईबी निवेशकों के लिए रिजर्व रखा है.
नई दिल्ली. आईपीओ शेयर मार्केट में कमाई का बेशक एक बेहतरीन तरीका होते हैं. आपको कंपनी सस्ते दामों पर अपने शेयर उपलब्ध कराती है और आप भी इस उम्मीद में शेयर खरीदते हैं कि लिस्टिंग के बाद आपकी बंपर कमाई होगी. पिछले कुछ आईपीओ से निवेशकों को कमाई हुई भी है. हालांकि, हमेशा ऐसा नहीं होता है. अगर कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत न हों तो बाजार उस पर कोई दया नहीं दिखाता है. इसलिए किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले आपको कंपनी के वित्त और कारोबार की पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए ताकि आप बाद में न पछताएं.
आज हम बात करेंगे ट्रैक्सन टेक्नोलॉजीज के आईपीओ की. यह सोमवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और बुधवार करीब शाम 5 बजे तक बंद हो जाएगा. ये पूरा आईपीओ ऑफर फोर सेल के जरिए है और इससे कंपनी 310 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. आईपीओ का प्राइस बैंड 75-80 रुपये है. इसमें क्यूआईबी के लिए 75 फीसदी शेयर आरक्षित हैं. रिटेल इन्वेस्टर्स के पास निवेश के लिए केवल 10 फीसदी शेयर हैं. हम आपको यहां कंपनी के बारे में पांच बेहद महत्वपूर्ण बातें बताएंगे ताकि आप फैसला ले सकें कि आप इस आईपीओ में निवेश करना चाहते हैं या नहीं.
2013 में हुई थी कंपनी की स्थापना
ट्रैक्सन टेक की स्थापना 2013 में हुई थी और ये प्राइवेट कंपनियों के बारे में मार्केट इंटेलिजेंस डाटा मुहैया कराती है. कंपनी के पास एक बड़ा डाटाबेस है जिसकी मदद से इसके क्लाइंट्स देश-विदेश की कंपनियों को ट्रैक और सोर्स कर सकते हैं. टैक्सन टेक इस क्षेत्र में दुनिया की 5 शीर्ष कंपनियों में शामिल है. ये कंपनी सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस (एसएएएस) आधारित प्लेटफॉर्म पर काम करती है.
वित्तीय स्थिति
कंपनी अभी मुनाफा नहीं कमा रही है. यह मुनाफे की स्थिति में आने से अभी बहुत दूर है. ऐसी ही स्थिति जोमैटो और पेटीएम की भी थी. हालांकि, ट्रैक्सन का रेवेन्यू लगातार बढ़ रहा है पर खर्च उससे ज्यादा होने के कारण मुनाफा नहीं बन पा रहा है.
किससे है मुकाबला?
इसके मुकाबले की कोई भी कंपनी अभी बाजार में लिस्टेड नहीं है. हालांकि, कंपनी के सामने क्रंचबेस, सीबीआईनाइट्स, प्रिवको और पिचबुक से तगड़ा कॉम्पिटिशन मिलता है.
कंपनी के पक्ष में क्या है?
यह प्राइवेट मार्केट डेटा व इंटेलिजेंस देने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनियों में शामिल है. इसके पास फैला व बढ़ता हुआ ग्राहक बेस है. कंपनी के पास सिक्योर टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है जिसे आंतरिक रूप से विकसित किया गया है. कंपनी के पास अनुभवी प्रमोटर्स, निदेशक मंडल और सीनियर मैनेजमेंट है.
क्या है खतरा?
ट्रैक्सन एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती है. भविष्य में अगर किसी ने इस सॉफ्टवेयर पर मालिकाना हक का दावा किया तो कंपनी को अपना प्लेटफॉर्म मोडिफाई करना पड़ेगा. इसके अलावा साइबर अटैक का भी खतरा कंपनी पर है. कंपनी ने कई बार नेगेटिव कैश फ्लो और घाटा रिपोर्ट किया है. ये अपने सिस्टम्स को इंश्योर्ड नहीं कराती जो कि इसकी क्लाइंट आईटी कंपनियों के लिए खतरा बन सकता है.